वो है हमेशा अपने साथ

तुम्हें लिखता हूँ तो शब्द नहीं होते मेरे पास

तुम्हें गाता हूँ तो धुन नहीं होती मेरे पास

लुँ अगर तुम्हें बाहों में तो काँप जाते हैं मेरे हाथ

कहने को तो कोसों दूर हो लेकिन रहते हो तुम हरदम मेरे पास

जब भी ख्वाब में देखता हूँ चेहरा आपका
मिलने की आपसे जगती है एक आस

जैसे ही नींद टूटती है बिछड़ के आपसे रुक जाती है सांस

फिर दिल बोलता है रखो सीने पर हाथ

दूर नहीं
वह है हमेशा अपने साथ

About The Author(s)

Share Your Voice

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.