~~ ◆ आवारा इश्क़ ◆~~

~~★ आवारा इश्क ★~~
°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°

आवारा इश्क आकर के,
अपनी अदाओं का आलाप किया !
अँधेरे आँचल के आगोश में,
अरमानों का अश्क अदा किया !!

अरमान ऐसे आफ़ताब से,
इन्होंने एहसासों को अँजाम दिया !
आरजू इश्क़ की अदा करके,
इक अफ़साने का इंतजाम किया !!

ऐसी अदाएँ इश्क़ की,
इसने आशिक़ को आवारा किया !
अम्बर तक इश्क़ की आवाजों ने,
अपना ऐसा इम्तिहान दिया !!

इम्तिहान ऐसा इन अदाओं का,
इश्क को इसी ने आयाम दिया !
अनजानी आकृति उस इश्क़ की,
उसने अपनी आबरू का अश्क़ दिया !!

अम्बक में अश्क़ से अंजन आजाद होकर,
इश्क की अधीरता में अधरों को स्पर्श किया !
उर की अनल ने इश्क़ को आज़माकर,
आहों की आदत का इंतजार किया !!

Written By:-
Sandeep Kumar “Shastri”

About The Author(s)

Share Your Voice

2 Comments

Leave a Reply