अविरल अभिलाष

अविरल अभिलाष

मेरा नाम अविरल अभिलाष मिश्र है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के पीजीडीएवी (सांध्य) कॉलेज से स्नातक किया है, वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से परास्नातक कर रहा हूं। नीलंबरा (कॉलेज मैगज़ीन) का संपादक भी रहा हूं। इस समय साऊथ कैंपस हिंदी विभाग का छात्र प्रतिनिधि हूं तथा अनवॉइस्ड मीडिया के हिंदी संपादक के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा हूं। सादर!!

4 क्षेत्र जो देवनागरी लिपि को रोमन की तुलना में प्रभावती बनाता है |

"रोमन" बनाम "देवनागरी"

देवनागरी लिपि के दोष –– शिरोरेखा का प्रयोग वर्जित है या होना चाहिए क्योंकि यह अनावश्यक और केवल अक्षरों की सजावट को ही प्रस्तुत करता है।उपाय :– शिरोरेखा के माध्यम से अनेक वर्णों के परस्पर भेद को सूचित किया जाता…

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की 3 प्रसिद्ध कविताएं |

प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि जिनकी लेखनी में अत्यंत धार है, व्यंग्य के क्षेत्र में अद्भुत रूप से लेखनी चलाने वाले आदरणीय सर्वेश्वरदयाल सक्सेना जी को उनके जन्मदिवस पर उन्हीं के शब्दों में सादर नमन। मेघ आए बड़े बन-ठन के संवर के…

देवनागरी

देवनागरी और नागरी नाम से जिस लिपि का संबंध आज जोड़ा जाता है इसके नाम को लेकर तर्क विचार विवाद और मतभेद इतने हैं, कि किसी एक निष्कर्ष पर किसी परिभाषा का निर्माण करना असंभव है। नागरी नाम कब से…

कारगिल विजय दिवस

देश के जवान वीरों का शौर्य देशवासियों के उमंग का ही पुन्जिभूत रूप है। कारगिल में यही उमंग पुंज वीरों के अनुपम शौर्य व बलिदान से अमर गाथा बन चुका है। जिसे कह– सुनकर हर देशवासी गर्व से रोमांचित हो…

सैंधव, ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपि

हिंदी लिपि की उत्पत्ति के विषय में सैंधव लिपि का योगदान–– भारत में उपलब्ध प्राचीन लिपियों में सैंधव लिपि को सबसे प्राचीन लिपि माना गया है। सैंधव शब्द सिंधु घाटी की सभ्यता को अभिव्यक्त करता है अतः प्राचीन लिपियों में…

बाबा नागार्जुन: वैद्य नाथ मिश्र

‘वैद्य नाथ मिश्र’ जिन्हें हम बाबा नागार्जुन के नाम से भी जानते हैं | 30 जून 1911 में बिहार के दरभंगा जिला में जन्में मैथली भाषा के महान कवि और उपन्यासकार हुए जिन्होंने अनेक जन-जीवन के समस्याओं को उजागर किया…

लिपि: उत्पत्ति, विवाद और आवश्यकता

लिपि: उत्पत्ति, विवाद और आवश्यकता लिपि मनुष्य समाज के लिए एक वरदान है। भारत विश्व के सामने लिपि के संदर्भ में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर पाया। इतिहास हमें बताता है कि लिपि से संबंधित और उसके आविष्कार के प्रति हम…

ईद का चांद

ईद का चांद ईदी को है लेने आया। जहाँ में मोहब्बत का पैगाम है लाया।। जला करके खुद को एक पैगाम देने। जहाँ को जहाँ से मिलाने है आया।। यादों में जिनकी जला रात भर है। दीदार उनका है करने…